कौनसे जानवर का “आधार कार्ड” बन सकता है?
आज के Time में Technology और Digital पहचान का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। पहले सिर्फ इंसानों के लिए पहचान पत्र जरूरी माने जाते थे, लेकिन अब पालतू जानवरों के लिए भी Digital Identification का चलन बढ़ने लगा है। Dogs, Cats और दूसरे Pets के लिए Registration, QR Code ID, Smart Tag और Microchip जैसी सुविधाएँ कई जगह शुरू हो चुकी हैं। लोग इसे आम भाषा में “जानवर का आधार कार्ड” भी कहने लगे हैं। हालांकि यह असली Aadhaar Card नहीं होता, लेकिन इसका उद्देश्य जानवर की पहचान और मालिक की जानकारी सुरक्षित रखना होता है। भारत में खासकर बड़े शहरों में Pet Ownership तेजी से बढ़ रही है। लोग अपने Pets पर अच्छा खासा खर्च करते हैं, जैसे कि Food, Vaccination, Grooming, Training और Medical Treatment। ऐसे में Pet की सुरक्षा और पहचान बेहद जरूरी हो जाती है। अगर कोई Pet खो जाए या चोरी हो जाए, तो उसे वापस ढूंढना काफी मुश्किल हो सकता है। इसी समस्या को कम करने के लिए Pet Registration और Digital ID सिस्टम उपयोगी साबित हो रहा है। कई Pet Owners अपने जानवरों के गले में QR Tag लगाते हैं, जिसे Scan करके Owner की जानकारी ...